लोग जिसे धर्म समझ बैठे है, दरअसल वो धर्म नही अपितु सम्प्रदाय है, #धर्म अनेक कैसे हो सकते हैं - धर्म तो एक ही हो सकता है ! #लोगों ने अनेक सम्प्रदाय बना लिये हैं ! #राजनेताओं ने आदमी को सम्प्रदायों में बांट दिया है ! #राजनेताओं को राम या अल्लाह से कोई मतलब धोड़े है इन्हें तो वोट से मतलब है ! #धर्म को समझने के लिए सम्प्रदायों के जाल से बाहर आना पड़ेगा ! #मन्दिर , मस्जिद , गिरजा जाने से धर्म का कोई सम्बन्ध नही है, जो धार्मिक है, उसे मन्दिर भी उतना ही प्यारा है, उतनी ही मस्जिद प्यारी है, उतना ही गिरजा। वो मन्दिर में झुकेगा, और मस्जिद में भी, और गिरजा में भी, गुरुद्वारे में भी। #उसके लिए हर जगह मन्दिर होगा, हर जगह मस्जिद होगी, हर जगह गिरजा होगा, #हर जगह गुरुद्वारा। #उसे हर कहीं परमात्मा ही दिखाई पड़ेगा, फिर क्या मन्दिर ,क्या मस्जिद, क्या गुरुद्वारा और क्या गिरजा, सब जगह प्रभु तू ही तू है !
Tuesday, 18 September 2018
Why in india people fight for dharam.
Labels:
Ajaat
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment